0 Comments

कश–म–कश में ज़िन्दगी की थोड़ा उलझ गए हैं दोस्तों, वर्ना तो हम उन में से हैं जो दुश्मनों को भी अकेला महसूस नहीं होने देते

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *